कोर्स आउटकम
बी-ए-/ बी-एस-सी-@ बी-कॉम- – भाग –I
हिन्दी भाषा आधार पाठ्यक्रम
1. प्रथम वर्ष के विद्यार्थी हिन्दी भाषा में आधार पाठ्यक्रम में प्रथम इकाई में पल्लवन, पत्राचार, पारिभाषिक शब्दावलीऔरअनुवाद के बारे में सीखेंगे।
2. दूसरी इकाई में शब्द, वाक्य शुद्धि, पर्यायवाची, विलोम अनेकार्थी, अनेक शब्दों के एक शब्द और सामाजिक जीवन में प्रयोग होने वाले मुहावरों, लोकोक्तियों के बारे में पढ़ेंगे।
3. तीसरी इकाई में देवनागरी लिपि क्या है, इसकी विशेषताएँ एवं वर्तनीका मानक रूप के महत्व के बारे में सीखेंगे।
4. चौथी इकाई में विद्यार्थी कम्प्युटर में हिन्दी के अनुप्रयोग करना सीखेंगे और हिन्दी में पदनाम के बारे में पढ़ेंगे।
5. पाँचवी इकाई में अपठित, संक्षेपन के बारे में सीखेंगे।
बी.ए./ बी.एस.सी./ बी.कॉम. – भाग -II
हिन्दी भाषा आधार पाठ्यक्रम
1. द्वितीय वर्ष में खंड “क” में विभिन्न लेखकों के निबंध जैसे – महात्मा गांधीजी द्वारा लिखा गया निबंध ‘सत्यऔरअहिंसा’, विनोबाभावे (ग्रामसेवा), आचार्य नरेंद्रदेव (युवकों का समाज में स्थान), हरीठाकुर (डॉ खूबचंद बघेल), वसुदेव शरणअग्रवाल (मातृभूमि ), भगवत शरण उपाध्याय (हिमालय की व्युत्पत्ति) आदि पढ़ेंगे।
2. खंड’ख’ में हिन्दी
3. भाषा और उसके विविध रूप जैसे कार्यालयीन भाषा, मीडिया की भाषा, वित्त एवं वाणिज्यकी भाषा, मशीन कीभाषा के विषय में विस्तार से अध्ययन करके इसके महत्व को जानेंगे।
4. खंड ‘ग’ में संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया विशेषण, समास, संधि एवं संक्षिप्तियाँ पढ़ेंगे।
बी.ए./ बी.एस.सी./ बी.कॉम. – भाग –III
हिन्दी भाषा आधार पाठ्यक्रम
1. तृतीय वर्ष में विद्यार्थी सुमित्रा नंदन पंत द्वारा लिखित कविता “भारतमाता” के बारे में पढ़ेंगे।परशुराम की प्रतीक्षा, रामधारी सिंह दिनकर, बहुत बड़ा सवाल, मोहन राकेश का नाटक, कथन की शैलियों के बारे में पढ़ेंगे।
2. विकासशील देशो की समस्याओं, प्रोद्योगिकी एवं नगरीकरण का अध्ययन करेंगे।
3. पर्यावरण प्रदूषण और धारणीय विकास एवं कार्यालयीन पत्र के महत्व की जानकारी प्राप्त करेंगे।
4. भारत के संदर्भ गरीबी तथा बेरोजगारी के प्रकारों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे और इन्हें दूर करने के प्रयासों के बारे में पढ़ेंगे।
5. अनुवाद करनेऔरअनुवादक के गुणों के बारे में सीखेंगे।
6. ऊर्जा के अर्थ व महत्व के बारे में सीखेंगे तथा घटनाओं, समारोहों आदि का प्रतिवेदन और विभिन्न प्रकार के निमंत्रण पत्रों को लिखना सीखेंगे।
हिन्दी साहित्य
Programme Outcome B.A. Hindi
1. छात्रों को हिन्दी भाषा की उत्पत्ति, विकास एवं उपभाषाओं एवं बोलियों का ज्ञान प्राप्त कराना।
2. छात्रों को हिन्दी व्याकरण एवं भाषा शुद्धियों का ज्ञान कराना।
3. छात्रों में हिन्दी के कवियों एवं लेखको की सृजनात्मक लेखन का ज्ञान कराना।
4. छात्रों में हिन्दी साहित्य के इतिहास के विकास क्रम एवं लेखन परंपरा के संबंध में ज्ञान विकसित कराना।
5. छात्रों में छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रति अभिरुचि विकसित कराना।
6. छात्रों में साहित्य के प्रति भावात्मक अभिरुचि विकसित कराना।
Programme specific Outcome
1. हिन्दी साहित्य का ज्ञान कराना।
2. हिन्दी भाषा का बोध कराना।
3. राष्ट्रभाषा एवं राज्यभाषा के रुप में हिन्दी का विकास कराना।
4. हिन्दी भाषा और साहित्य की अभिवृद्धि कराना।
5. भाषा के माध्यम से सांस्कृतिक एकता के सूत्र विकसित कराना।
Course Outcome B.A. I (प्राचीन हिन्दी काव्यद्ध)
1. छात्रों को हिन्दी के गद्य और पद्य के कवियों एवं लेखकों से परिचित कराना।
2. साहित्य के विभिन्न विद्यायें के माध्यम से छात्रों का भावात्मक एवं सृजनात्मक ज्ञान विकसित कराना।
3. छात्रों में साहित्य एवं साहित्यकारों के सृजनात्मक लेखन के प्रति अभिरुचि विकसित कराना।
Course Outcome B.A. I (हिन्दी कथा साहित्यद्ध)
1. छात्रों में कथा साहित्य के प्रति अभिरुचि विकसित कराना।
2. छात्रों में राष्ट्रभाषा हिन्दी तथा मानक लिपियों का समझ विकसित
कराना।
3. छात्रों में भाषा के रचनात्मक पहलूओं की समझ विकसित कराना।
4. छात्रों में कहानियों एवं उपन्यासों के माध्यम से लेखकों की सृजनात्मक लेखन शैली की समझ विकसित करना।
Course Outcome B.A. II (अर्वाचीन हिन्दी काव्यद्ध)
1. छात्रों को हिन्दी के कवियों एवं उनकी रचनाओं से अवगत कराना
2. छात्रों को हिन्दी व्याकरण का ज्ञान कराना।
3. छात्रों को हिन्दी के कार्यलयीन एवं व्यावहारिक पत्रों के स्वरुप से अवगत कराना।
4. छात्रों में देवनागरी लिपि के अंतर्गत उसके उत्पत्ति, वैज्ञानिक तथा विषेषता से अवगत कराना।
Course Outcome B.A. II (हिन्दी निबंध तथा अन्य विधाएँ)
1. छात्रों को नाटककार, एकांकीकार एवं निबंधकारों तथा उनकी रचनाओं से परिचित कराना।
2. छात्रों में नाटक एवं एकांकियों के माध्यम से सामाजिक समस्याओं से परिचित कराना
3. छात्रों में लेखको के लेखन शैली के प्रति आलोचात्मक दृष्टि विकसित करना।े अवगत कराना।
Course Outcome B.A. II (छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य)
1. छात्रों को काव्यांग-काव्य का स्वरुप एवं प्रयोजन का ज्ञान कराना।
2. छात्रों में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति अभिरुचि विकसित करना।
3. छात्रों में कम्प्यूटर में हिन्दी का अनुप्रयोग, हिन्दी में पदनाम की समझ विकसित करना।
4. छात्रों में छत्तीसगढ़ी साहित्य की समझ विकसित करना।
Course Outcome B.A. II (हिन्दी भाषा एवं साहितय का इतिहास तथा काव्यांग विवेचन)
1. छात्रों में हिन्दी भाषा के विभिन्न रुपों का ज्ञान कराना।
2. छात्रों में हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन परंपरा का ज्ञान विकसित करना।
3. छात्रों में हिन्दी साहित्य के इतिहास, आदिकाल, पूर्व माध्यकाल, उत्तर मध्यकाल और आधुनिक काल की सामाजिक सांस्कृति पृष्ठभूमि प्रमुख युग प्रवृत्तियां विशिष्ट रचनाकार और उनकी प्रतिनिधि कृतियां, साहित्यिक विषेषताओं से अवगत कराना।रना।
Course Outcome B.A. II (छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य)
1. छात्रों को काव्यांग-काव्य का स्वरुप एवं प्रयोजन का ज्ञान कराना।
2. छात्रों में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति अभिरुचि विकसित करना।
3. छात्रों में कम्प्यूटर में हिन्दी का अनुप्रयोग, हिन्दी में पदनाम की समझ विकसित करना।
4. छात्रों में छत्तीसगढ़ी साहित्य की समझ विकसित करना।
Course Outcome B.A. III (छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्यद्ध)
1. छात्रों को काव्यांग-काव्य का स्वरुप एवं प्रयोजन का ज्ञान कराना।
2. छात्रों में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति अभिरुचि विकसित करना।
3. छात्रों में कम्प्यूटर में हिन्दी का अनुप्रयोग, हिन्दी में पदनाम की समझ विकसित करना।
4. छात्रों में छत्तीसगढ़ी साहित्य की समझ विकसित करना।
Course Outcome B.A. III (हिन्दी भाषा एवं साहितय का इतिहास तथा काव्यांग विवेचन)
1. छात्रों में हिन्दी भाषा के विभिन्न रुपों का ज्ञान कराना।
2. छात्रों में हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन परंपरा का ज्ञान विकसित करना।
3. छात्रों में हिन्दी साहित्य के इतिहास, आदिकाल, पूर्व माध्यकाल, उत्तर मध्यकाल और आधुनिक काल की सामाजिक सांस्कृति पृष्ठभूमि प्रमुख युग प्रवृत्तियां विशिष्ट रचनाकार और उनकी प्रतिनिधि कृतियां, साहित्यिक विषेषताओं से अवगत कराना।